बहराइच: ज़िले में आखिरकार मौत का मंज़र आ ही गया। वन विभाग की टीम ने एक और आदमखोर भेड़िये को गोली मारकर मार गिराया, जिसने दो दिन पहले एक मासूम बच्ची को उसके घर से अगवा किया था। वन विभाग ने भेड़िये के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। भेड़िये की मौत के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
बहराइच में भेड़ियों के हमलों में अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें तीन साल की बच्ची जानवी भी शामिल है, जिसका दो दिन पहले उसके घर से अपहरण कर लिया गया था। उसका अभी तक कोई अता-पता नहीं है। भेड़िये के लगातार हमलों से ग्रामीण भी नाराज़ थे। डीएफओ राम सिंह यादव ने पूरे इलाके में भेड़िये का पता लगाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया।
बच्ची के घर से लगभग एक किलोमीटर दूर स्थान का पता चलने के बाद, पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई। बाहर से भाड़े के शूटरों ने भेड़िये को मार गिराया। भेड़िये की मौत की खबर सुनते ही ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। वन विभाग ने भेड़िये के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
डीएफओ डॉ. राम सिंह यादव ने बताया कि पूरे इलाके में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है और निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। भेड़िये को शूटरों ने मारा है।
9 सितंबर से शुरू हुए भेड़ियों के हमलों में छह बच्चों और एक बुजुर्ग दंपति की मौत हो चुकी है। भेड़ियों के लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीण दहशत में हैं। कुछ दिन पहले वन विभाग ने एक भेड़िये को मार गिराया था। जब घटनाएं लगातार जारी रहीं, तो तलाश फिर से शुरू की गई। आखिरकार वन विभाग के शूटरों ने एक और भेड़िये को मार गिराया। अब ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।

